CTET Paper 1 · Hindi-CTET
गद्यांश: आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही (2) होना चाहिए। छनि उपरती है । वह छवि कहती है कि बाँ गरी है (3) नहीं होना चाहिए । वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है । वहाँ अंध-विश्वास है । दी कहा चकत ह। गंदगी है । बीमारी है । हमें विचार करना है कि सच क्या हे ? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं ? आजजो 126. “बच्यो को यह छू दी जानी चाहिए कि वे अपनी गांग की ईशा ई है उसके लिए जिम्मेदार कौन ह रुचि .ब क्षमता के अनुसार किसी विषय की सवालों की पड़ताल करते हुए हमें.लई समझ बनानी है विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकें ।' यह स्थिति गानो अपहारक तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है । बसे यह (1) अव्याबहारिक है । गाँवों खुंदा'का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक (2) सराहनीय है। अ दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदला है। 3 द Fr जो दूरस्थ गाँब हैं - शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता असंभव [A 5 तो खासी बची इई है । ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक ह द शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है ? हमें विचार 127. 'बे' उपसर्ग का प्रयोग किस शब्द में नहीं किया जा गी सकता ? कणना है । मगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों मे (1) फ्रिज्ूल देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा ८) चस सकता । तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए (७) ` अदब गाँव चलना है । (4) ईमान अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है । एकं विद्याशाला है । गाँब वेधशाला या प्रयोगशाला इसतिए है 128. “पतीक्षा' शबद से एक नया शब्द बन सकता है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। (1) प्रतीक्षाहीन आजमाया जाता है । जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर ख" (2) प्रतीक्षाशाली उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है । हर ज्ञान कें हे (3) प्रतीक्षारत की शर्त यह है वह सूजन और उत्पादन की शान प त्श (4) प्रतीक्षावान जाए। Scanned by CamScanner pi 61) D 'शिक्षत' शब्द में प्रत्यय है 132. अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि ) क्षत (1) गाँब में लोग अशिक्षित और अज्ञानी हैं । ( (2 क्षित (2) गाँव में नकारांत्मक परिवर्तन भी हुए हैं । तत (3) गाँव में समस्त परिवर्तन सकारात्मक हैं । 6] f (4) गाँव में बीमारी और अज्ञान ही है । _ 4) इत i 133. गाँव को ठीक से समझने के लिए ज़रूरी है [ke] E ’ प्रश्न: गाँव की छवि में क्या शामिल नहीं है ?
- स्वयं गाँव में जाना
- गाँव के किस्से सुनना (0 कर्म
- गाँव को टी.वी. पर देखना
- गाँव के बारे में पढ़ना (2) गंदगी द (3) अशिक्षा 134. गाँच को प्रयोगशाला क्यों कहा गया है ? (1) ज्ञानबान व्यक्ति ज्ञान का प्रयोग करते हैं । (अशात , (2) ज्ञान को जानकारी की कसौटी पर कसा जाता है। : (3) ज्ञान को कर्म की कसौटी पर कसा जाता है । 11, ज्ञान के होने की अनिवार्य शर्त है (4) ज्ञान को निरंतर बढ़ाया जाता रहता है । (1) उत्पादन और ज्योति 135, ` हड समझ से तात्य है (2) सृजन और धन (1) _ स्वयं के पूर्वज्ञान, पूरवाग्हों से समझ बनाना । (2) ज्ञानवान व्यक्तियों से जानकारी लेना । 3) सूजन और उत्पादन (3) दूसरों के अनुभव से समझ बनाना । (4) धन और उत्पादन (2), स्प क अतव समझ बनला; > El BR ड Scanned by CamScanner
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