CTET Paper 1 · Hindi-CTET
सूर्योदय, सूर्यास्त असंख्यों सोना ही सोना बरसा कर मोल नहीं ले पाए इसका; भीषण बादल आसमान में गरज गरज कर धरती को न कभी हरा पाये, प्रलय सिंधु में डूब-डूब कर उभर-उभर आयी है ऊपर। भूचालों-भूकम्पों से यह मिट न सकी है। प्रश्न: इस पद्यांश में मुख्यतः किसकी बात की गई है?
- सूर्योदय की
- सूर्यास्त की
- धरती की
- आसमान की
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