CTET Paper 1 · Hindi-CTET
दिए गए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। बीती नहीं यद्यपि अभी तक है निराशा की निशा -- है किन्तु आशा भी कि होगी दीप्त फिर प्राची दिशा। महिमा तुम्हारी ही जगत में धन्य आशे! धन्य है, देखा नहीं कोई कहीं अवलम्ब तुम सा धन्य है। आगे तुम्हारे ही भरोसे जी रहे हैं हम सभी, सब कुछ गया पर हाय रे! तुमको न छोड़ेंगे कभी। आगे तुम्हारे ही सहारे टिक रही हैं यह मही, धोखा न दीजो अंत में, विनती हमारी है यही। “प्राची” का अर्थ है --
- परकोटा
- पूर्वकल्प
- परातन हि
- पूरब Options 7.7 2.2 3.3 4.4
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