CTET Paper 1 · Hindi-CTET

कविता: पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। है अनिश्चित किस जगह पर, सरित गिरि गह्वर मिलेंगे; है अनिश्चित किस जगह पर बाग वन सुंदर मिलेंगे। किस जगह यात्रा खत्म हो जाएगी यह भी अनिश्चित; है अनिश्चित कब सुमन कब कंटकों के शर मिलेंगे। कौन सहसा छू जाएँगे, मिलेंगे कौन सहसा; आ पड़े कुछ भी रुकेगा तू न ऐसी आन कर ले। पूर्व चलने के बटोही, बाट की पहचान कर ले। प्रश्न: इस जीवन-यात्रा में—

  1. कुछ भी निश्चित नहीं है
  2. सब कुछ निश्चित है
  3. सब ओर मुश्किलें हैं
  4. सब ओर सुख है
Answer and detailed solution are available in the protected study screen.
Register or login to attempt