CTET Paper 1 · Hindi-CTET

कोई पेड़ एक वर्ष बाद ही मर जाता है। सब पेड़ मरने से पहले संतान छोड़ जाने के लिए व्यग्र हैं। बीज ही गाछ-बिरछ की संतान है। बीज की सुरक्षा व सार-संभाल के लिए पेड़ फूल की पंखुड़ियों से घिरा एक छोटा-सा घर तैयार करता है। फूलों से आच्छादित होने पर पेड़ कितना सुंदर दिखलाई पड़ता है। फूल की तरह सुंदर चीज और क्या है? जरा सोचो तो, गाछ-बिरछ तो मटमैली माटी से आहार व विषाक्त वायु से अंगारक ग्रहण करते हैं। फिर इस अपरूप उपादान से किस तरह ऐसे सुंदर फूल खिलते हैं। कथा सुनी होगी—पारस पत्थर की, जिसके परस से सोना लोहा हो जाता है। ममता का परस पाते ही मानो माटी व अंगार के फूल बन जाते हैं। खुशी के मौके पर हम प्रफुल्लित होकर अपने प्रियजनों को निमंत्रित करते हैं। उसी प्रकार फूलों की बहार छाने पर गाछ-बिरछ भी अपने बंधु-बांधवों को बुलाते हैं। मधुमक्खी व तितली आती हैं। पतंगे पक्षियों के डर से दिन में बाहर नहीं निकलते। शाम होते ही उन्हें बुलाने की खातिर फूल चारों तरफ सुगंध फैला देते हैं। प्रश्न: पेड़ अपनी संतान छोड़ जाने के लिए क्यों व्यग्र रहते हैं?

  1. अपना प्रभुत्व जमाए रखने के लिए।
  2. जीवन की निरंतरता को बनाए रखने के लिए।
  3. मनुष्यों को लकड़ी देने के लिए।
  4. अपनी संतान का भला करने के लिए।
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