CTET Paper 1 · Hindi-CTET
जब बहुत सुबह चिड़ियाँ उठकर, कुछ गीत खुशी के गाती हैं। कलियाँ दरवाजे खोल-खोल, जब धूप से मुसकाती हैं। खुशबू की लहरें जब घर से, बाहर आ दौड़ लगाती हैं!! हे जग के सिरजनहार प्रभो! तब याद तुम्हारी आती है!! जब छम-छम बूँदें गिरती हैं, बिजली चम-चम कर जाती है। मैदानों में वन-बागों में, जब हरियाली लहराती है। जब ठंडी-ठंडी हवा कहीं से, मस्ती ढोकर लाती है। हे जग के सिरजनहार प्रभो! तब याद तुम्हारी आती है!! प्रश्न: रचनाकार प्रकृति के सौन्दर्य को देखकर ______ है?
- स्तब्ध
- चमत्कृत
- तृप्त
- अभिशप्त
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