CTET PAPER 2 · Hindi
अनुकूलित गद्यांश-संदर्भ: स्वतंत्र और लोकतांत्रिक समाज के लिए ऐसी शिक्षा आवश्यक है जो सामान्य संस्कृति को पोषित करे। विद्यालय केवल जानकारी देने तक सीमित न रहकर बच्चों को पढ़ने-लिखने, स्व-अधिगम, भय-मुक्त सीखने और विविध संस्कृतियों को समझने के अवसर दे सकता है। शिक्षा सामाजिक जीवन की गुणवत्ता और संस्कृति में सार्थक परिवर्तन पर भी प्रभाव डालती है। शिक्षा संस्कृति को पोषित करने वाली कैसे बन सकती है?
- केवल पठन-लेखन कौशल का अभ्यास कराकर
- सिर्फ विद्यालय में नामांकन कराकर
- विविध कार्यकलाप और अनुभव आयोजित करके
- केवल तरह-तरह की सूचनाएँ देकर
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