CTET PAPER 2 · Hindi

अनुकूलित गद्यांश-संदर्भ: लेखक कल्पना करता है कि प्राथमिक विद्यालय के हर शिक्षक को अनेक पारंपरिक कहानियाँ प्रभावशाली ढंग से सुनानी आनी चाहिए। कहानी सुनाते समय पात्र जीवंत किए जाएँ, बच्चों को अनुमान लगाने और अपने अनुभव जोड़ने के अवसर मिलें। कथाकार आवाज, हावभाव, इशारों और कभी-कभी चित्रों का उपयोग कर सकता है। शिक्षक का पारंपरिक कहानियों पर 'अधिकार' होने से क्या आशय है?

  1. केवल पात्रों का अभिनय करना
  2. कहानी को पुस्तक से पढ़ना
  3. कहानी पर चित्र बनाना
  4. कहानी को समझकर याद से प्रभावी ढंग से सुना सकना
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