DSSSB · Hindi
पूरा गद्यांश: 1851 में गवर्नर जनरल लॉर्ड डलहौजी ने अवध की रियासत को हड़प लेने की बात की थी। 1856 में इस रियासत को औपचारिक रूप से ब्रिटिश साम्राज्य का अंग घोषित कर दिया गया। 1801 से ही अवध में सहायक संधि थोप दी गई थी। इस संधि के अनुसार नवाब को अपनी सेना खत्म कर देनी थी। रियासत में अंग्रेज टुकड़ियों की तैनाती की इजाज़त और दरबार में मौजूद ब्रिटिश रेजिडेंट की सलाह पर काम करना था। अवध की ज़मीन नील और कपास की खेती के लिए उपयुक्त थी, इसलिए कब्जे में अंग्रेजों की दिलचस्पी बढ़ती जा रही थी। इस इलाके को उत्तरी भारत के एक बड़े बाज़ार के रूप में विकसित किया जा सकता था। 1850 के शुरुआती वर्षोंं तक वे देश के बड़े हिस्से पर जीत हासिल कर चुके थे। भारत का बड़ा हिस्सा अंग्रेजों की झोली में था। क्षेत्रीय विस्तार की यह प्रक्रिया 1856 में अवध के अधिग्रहण के साथ पूरी हो जाने वाली थी। प्रश्न: कब से अवध में सहायक संधि थोप दी गयी थी?
- 1801 से
- 1802 से
- 1803 से
- 1805 से
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