DSSSB · Hindi

‘समरथ को नहिं दोष गोसाईं ’ लोकोक्ति का अर्थ है -

  1. हमें अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करना चाहिए।
  2. मेहनत से किये काम में सदैव सफलता मिलती है।
  3. बड़े आदमी पर कोई दोष नहीं लगाता।
  4. बड़े आदमी के सब मित्र होते हैं।
Answer and detailed solution are available in the protected study screen.
Register or login to attempt