DSSSB · Hindi
‘जागरण’ का विलोम शब्द क्या होगा-
- निद्रा
- जनता
- पुराना
- जन उपर्युक्त गद्यांांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए – राम मोहन राय ने हिन्दू धर्म को रूढ़ियों से मुक्त करके नया रूप देने का प्रयास किया। उन्हें हिंदुत्व की पवित्रता, इस्लाम की रुचि और ईसाइयत की सफाई पसंद थी। विभिन्न धर्मों के अध्ययन और वैज्ञानिक दृष्टि के कारण वे विश्ववादी हो गये। उन्होंने समूचे विश्व के मनुष्यों को एक परिवार माना। उन्होंने फ्रांांस के विदेश मंत्री को पत्र में लिखा था कि देशों के बीच प्रचलित पासपोर्ट की पद्धति को हटा लेना चाहिए तथा राष्ट्रों के ऊपर कोई संस्था बनायी जानी चाहिए जो राष्ट्रों के मतभेदों को सुलझा सके। दिनकर की दृष्टि में सारे संसार में विश्ववाद के प्रथम व्याख्याता राममोहन राय हुए हैं। राममोहन राय ने हिन्दुत्व के उस पक्ष का समर्थन किया जिसमें मूर्ति पूजा, अवतारवाद, मंदिर और तीर्थों की बात नहीं थी। उन्होंने हिन्दुत्व का कोई रूप स्वीकार नहीं किया जो विज्ञान और बुद्धिवाद की कसौटी पर खरा न उतरा हो। दिनकर के अनुसार – राम मोहन राय का स्थान उस महासेतु के समान है जिस पर चढ़कर भारतवर्ष अपने अथाह अतीत से अज्ञाात भविष्य में प्रवेश करता है। यह रोचक बात है कि जहाँ अठारहवीं सदी में यूरोप नवोत्थाान के जोश में धर्म से दूर होता जा रहा था, वहाँ भारत की उन्नीसवीं सदी के नवोत्थाान का आधार धर्म था। SubQuestion No : 16
Answer and detailed solution are available in the protected study screen.
Register or login to attempt