DSSSB · Hindi
गद्यांश पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: अव्यावसायिक सिनेमा के लिए सत्यजित रे नए कलाकारों के अभिनय पर अधिक ध्यान देते हैं। साथ ही उनका ध्यान चरित्र के अनुरूप कलाकार के चुनाव पर रहता है। एक बार भूमिका के उपयुक्त कलाकार चुन लिया, तो वे अभिनेता की स्वाभाविक अपील पर अधिक निर्भर रहते हैं। बच्चों से अभिनय करवाने का उनका ढंग अलग है। वे घुटनों के बल झुककर किसी बाल कलाकार के कान में फुसफुसाकर कुछ कहते हैं, जैसे वह बात उन दोनों के बीच का रहस्य हो, और इसी तरह उससे वैसा अभिनय करा लेते हैं जैसा वे चाहते हैं। किन्तु उसके बावजूद बहुत कुछ बच्चे पर ही निर्भर रहता है। अपनी निर्देशन-पद्धति से वे बालक के भीतर इतना आत्मविश्वास पैदा कर देते हैं कि वह अपना 'रोल' अच्छी तरह निभाता है। जाने-माने प्रवीण कलाकारों के निर्देशन में वे अभिनेता के साथ एक भीतरी समझ स्थापित कर लेते हैं; किन्तु दृश्य में कलाकार के खड़े होने का स्थान, उसका चलना-फिरना आदि वे स्वयं निर्धारित करते हैं। रे की इस प्रतिभा का सभी प्रसिद्ध कलाकार सम्मान करते हैं। दृश्य में कलाकार के खड़े होने का स्थान तथा उसका चलना-फिरना कौन निर्धारित करता है?
- सत्यजित रे
- घटनाएँ
- कैमरामैन
- कलाकार स्वयं
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