DSSSB · Hindi
गद्यांश पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: भारतीय इतिहास नारियों के महान कर्तव्यों, क्षमताओं तथा वीरता के कार्यों से भरा पड़ा है। नारी भारतीय इतिहास में आदर और सम्मान की पात्र रही है। नारी ममता, प्रेम, वात्सल्य, पवित्रता तथा दया की मूर्ति है। उसने अनंत कठिनाइयाँ सहते हुए परिवार, समाज तथा राष्ट्र की सेवा की है। दुःख का विषय यह है कि समाज में नारी को अबला और बेचारी जैसे संबोधनों से पुकारा जाता है। उसकी इस हालत के लिए हमारा समाज जिम्मेदार है, जिसमें सामाजिक कुरीतियाँ और परंपरागत रूढ़िवादिता शामिल हैं। वर्तमान में नारी की दशा और दिशा दोनों में परिवर्तन हुआ है। गद्यांश में प्रयुक्त 'दया' शब्द का पर्यायवाची नहीं है—
- रहम
- तरस
- घृणा
- करुणा
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