DSSSB · Hindi
गद्यांश पढ़कर प्रश्न का उत्तर दीजिए: तमाम आधुनिकता और प्रगतिशीलता के बावजूद आज विश्व में हिंसा, कट्टरता, आतंकवाद, सम्प्रदायवाद, जातिवाद, नस्लवाद, रंगभेद और अर्थभेद जैसी अनेक विसंगतियाँ अपने विकराल रूप में मौजूद हैं। महात्मा बुद्ध से लेकर महात्मा गांधी तक अनेक महात्माओं ने अहिंसा को परम धर्म माना। पूरा भक्तिकाल अहिंसा के दर्शन पर आधारित है। वह किसी भी प्रकार के भेद के खिलाफ है और मानव-मात्र की एकता में विश्वास रखता है। इस एकता के लिए वह निर्गुण-निराकार ब्रह्म की उपासना, एकेश्वरवाद और एकदेवनिष्ठा की वकालत करता है। वह सामाजिक आदर्शों और मानवीय मूल्यों की स्थापना करता है। परोपकार उसका सबसे बड़ा धर्म है। वर्तमान में मानवीय मूल्यों के विघटन के समय हम भक्ति-काव्य से बहुत कुछ सीख सकते हैं। भक्ति-काव्य किस दर्शन पर आधारित है?
- त्याग
- अहिंसा
- हिंसा
- संचय
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