DSSSB · Hindi

गद्यांश: उपर्युक्त गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए - भक्ति काव्य को धार्मिक काव्य मानकर उसमें निहित दर्शन, अध्यात्म, रहस्य पर जोर दिया गया है जबकि भक्ति काव्य की विचार पद्धति में ऐसे अनेक सूत्र हैं जो आज की भाषा में प्रगतिशील कहे जायेंगे। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भक्ति काव्य में पुरजोर ढंग से कहे गये उसके विचार-सूत्र ऐसे हैं जो आज की आधुनिकता और प्रगतिशीलता से अधिक आधुनिक और प्रगतिशील हैं। उसमें धार्मिक कट्टरता, अंधविश्वास, रूढ़ियों, पाखंडों का तीव्र खण्डन है तो सामाजिक वर्ग–भेद के खिलाफ खुलकर आक्रोश व्यक्त किया गया है। आधुनिक विश्व में मार्क्सवाद के प्रसार के साथ श्रम की महत्ता स्थापित हुई। दुनिया में समतामूलक समाज की स्थापना के लिए, वर्ग–संघर्ष के खात्मे के लिए, श्रमिक वर्ग को श्रम का वास्तविक मूल्य दिलाने के लिए, मार्क्स ने क्रांति की अवधारणा प्रस्तुत की। भक्ति काव्य का बड़ा हिस्सा श्रमिक संस्कृति की उपज है। अनेक भक्त कवि श्रमिक हैं, कारीगर हैं। प्रश्न: 'अतिशयोक्ति' का अर्थ है -1554

  1. कुछ न कहना
  2. बढ़ा-चढ़ा कर कहना
  3. घटाकर कहना
  4. उल्टा कहना
Answer and detailed solution are available in the protected study screen.
Register or login to attempt